प्रेम गाथा या सेक्स गाथा

नमस्कार दोस्तों,
मैं आपको अपनी प्रेम गाथा सुनाने जा रहा हूँ जोकि जल्द की कामुक गाथा में
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
Antarvasna बदल आगयी | मेरी गर्लफ्रेंड का नाम डिम्पी था और हम एक दूसरे से बहुत ही
ज्यादा प्यार करते थे | गर्लफ्रेंड होने के नाते शुरुआत से ही हमारे बीच
हलके – फुल्के शारीरिक सम्बन्ध भी थे जो आज कल हर जोड़ों के बीच पाए जाते
हैं | मैं उसे कभी – कभार चूम भी लिया करता था और धीरे – धीरे मेरे अंदर
का हवसी रूप बढ़ता ही जा रहा था और मैं उससे सेक्स की संतुष्ठी पाना
चाहता था | मैंने एक दिन अपने दोस्त को २ घन्टे के लिए खाली घर की जुगाड
करने की मांग गयी रो जब जब जुगाड हो गया तो मैं फटाफट डिम्पी को लेकर
वहाँ पहुँच गया |
कुछ पल में ही हमारे बीच हलचल होनी शुरू होई और हम जमकर चुसम – चुसाई कर
रहे थे | मेरे हाथों ने उसकी कुर्ती को भी कुछ ही पल में उतार दिया | अब
मैंने और गर्म होकर अपने भी पूरे कपड़े खोल दिए उससे लिपटते हुए उसके
चुचों को मसलता हुआ पीने लगा | मैं उसके चुचों को पीते हुए हुए अब उसकी
सलवार और पैंटी को निकालकर उसकी चुत की अपने जीभ निकालकर चाटने लगा और
उसे वहीँ खाट पर लिटाकर उसकी चुत के उप्पर ऊँगली रगड़ने लगा | अब मैंने
डिम्पी की टांगों को उप्पर की ओर उठाते हुए चुत का छेद में अपने लंड अपने
लंड को वहीँ कुछ देर मसलने लगा | कुछ ही देर में मैंने उसके चुत में लंड
को घुसाया दिया |
डिम्पी की ज़ोरों से निकलती सिस्कारियां मेरे लंड को अपनी रफ़्तार को और
उप्परर चढाने के लिए मजबूर करने लगी | मैंने जोर के झटके से साथ उसकी चुत
को ऐसा पेला की उसकी चुत से कुछ मिनटों में खून भी निकलने लगा | मैं
जल्दी ही खून को साफ़ करते हुए डिम्पी को सहलाया और फिर से उसकी चुत में
उँगलियाँ देने से शुरूआत की और लंड को देने लगा जिससे अब चुत के चीथड़े
उड़ जाने के बाद डिम्पी को पहले जैसा दर्द नहीं हो रहा था | हम अब मस्त
वाले वासना के मज़े में डूबे हुए थे और मैं चुदाई के दौरान अपनी सबसे तेज
रफ़्तार पर पहुँच चु़क था |
लगातर भारी और ज़ोरदार झटकों के बाद मेरा वीर्य भी निकल पड़ा और मैं
डिम्पी की चुत को मलने लगा | उसकी चुत को मसलने पर पर वो भी सातवें आसमन
पर पहुँच गयी और उसकी चुत भी झड गयी और मज़े की राहत लेते हुए वहीँ एक
दूसरे को मुस्कुराता से ताकने लगे | उसकी चुत का रस अब लगातर बार – बारे
बहे ही जा रहा था और वो तारों की तरह टीमटीमाये मुझे देख रही थी | उस दिन
के बाद मेरा डिम्पी के साथ प्यार बढ़ गया या यूँ कहो उसकी चुत का शौक लग
पड़ा |

Published by

hindisexstories

Hindi Sex Stories