बॉस के पत्नी के साथ

बॉस के पत्नी के साथ

Indian Sex Hindi sex Chudai Antarvasna Kamukta मैं एक इंजिनियर और आज मैं आपके साथ एक ऐसी घटना शेयर कर रहा हु, जो दिमाग में सिरहन और दिल में गुद्गुद्दी पैदा कर देती है. ऐसा भी कभी जिन्दगी में होगा, मैंने कभी सोचा भी नहीं था. मेरे बॉस का नाम है रजत और उनकी बीवी यानी हमारी भाभी जी का नाम है अंजिली. मैंने कुछ समय पहले ही ज्वाइन किया था और हम लोगो की टीम के अच्छे काम ही वजह से रजत का प्रमोशन हुआ था. तो अंजिली ने हम सब को उनके घर पर पार्टी दी थी. पूरी टीम में, केवल मैं ही ऐसा था. जो पहले अंजिली से नहीं मिला था. लेकिन, मैंने अपने साथ काम करने वालो से अंजिली के हुसन की काफी तारीफ़ सुनी थी. उसका अंदाजा मैं लगा सकता था, क्योंकि रजत भी ऊची कदकाठी वाले, स्मार्ट और एक स्पोर्ट्समेन थे. तो उनकी बीवी को परी होना लाजमी था.

शनिवार की शाम हम उनके घर गये. मैंने देखता ही रह गया. क्या आलिशान बंगला था और उतनी ही अच्छी उसकी सजावट. तभी सामने से अंजिली आती हुई दिखाई दी. बॉस ने हम सब को मिलवाया. मैं तो जैसे उनकी खूबसूरती का कायल ही हो गया. क्या मदमस्त हुसन था और उसपर मचलती हुई जवानी. वो लग ही नहीं रही थी, कि वो ४० के आसपास होंगी. उनका चेहरा ताजी गिरी हुई बर्फ की तरह ठंडक देने वाला था और उस पर नुकीली आँखे, किसी को मार दे. उनके गुलाब की पंखुडियो की तरह कोमल लाल होठ और ठुड्डी पर काजल से बनाये हुए तीन तिल…आये हाय.. मैं तो बस मर ही मिटा था. वैसे तो मैं बहुत ठरकी किस्म का था कॉलेज से ही. पर अब बात कुछ और थी. उनके मदमस्त उभार होंगे करीब ३६ के और पतली कमर और ३८ के गोल बट्स.

यकीं मानो दोस्तों, मैं तो मन ही मन में उनके कपड़े उतार कर उनको नंगा कर चूका था. मेरा लंड खड़ा होने लगा था. मैं कुछ गड़बड़ करता, उससे पहले ही मैं एक्सक्यूज मी कहकर साइज़ में खिसक लिया. मेरी ये हरकत शायद रजत और अंजिली ने नोट कर ली थी. मैं बार काउंटर पर बैठ कर ड्रिंक कर रहा था और अब अब हल्का – हल्का शराब का सरुर आने लगा था. मेरी बदकिस्मती ये थी, मैं ही पूरी टीम में सिंगल था. बाकी सब की या शादी हो चुकी थी या होने वाली थी या गर्लफ्रेंड थी. रजत और अंजिली थोड़े खुले किस्म के इंसान थे और टीम में सबके बारे में सब जानते थे. तो उन्होंने सबको उनके पार्टनर के साथ बुलाया था. मैं गिलास में आइस के साथ खेल रहा था और धीमे म्यूजिक का आनंद ले रहा था, कि तभी वो दोनों मेरे पास आये.

रजत बोले – यार, संजय तुम तो बड़े रुड हो. तुम्हारे बॉस की इतनी खुबसुरत बीवी है और तुमने उसकी तारीफ तक नहीं की. मैंने हलके से बोला – “तारीफ करू क्या उसकी, जिसे खुदा ने फुर्सत में बनाया है”. अंजिली के चेहरे पर मुस्कान आ गयी और वो वो शरमाने लगी. उसके चेहरे पर शरम की लाली देख कर, मैंने एक और शेर रसीद कर दिया. “क्या कहू तेरे बारे में, ये तेरे गालो पर जो शरम की लाली है, उसको देख कर सारे आशिको के अरमानो का जनाजा निकल जाता है”. अब तो अंजिली वास्तव में शरम से लाल हो गयी थी और जाने लगी. रजत ने अंजिली का हाथ खीचा और कहा – जानेमन, ये भी बहुत बड़ा आशिक है. पर इसे मालूम नहीं इसके बॉस के जलवे कुछ और है. मैं और अंजिली दोनों ही उनकी तरफ देख रहे थे.

अब तक सब लोगो ने जाना शुरू कर दिया था और सिर्फ मैं और वो दोनों ही घर में रह गये थे. मैं काफी पी चूका था. तो रजत ने कहा – तुमने काफी पी ली है. तुम सुबह चले जाना और हम तीनो सोफे पर आ गये. मैंने माहौल को शेरो – शायरी से हल्का फुल्का बना दिया था. तभी मैंने देखा, कि रजत ने अंजिली को अपने पास खीच लिया और उसके बालो में हाथ डाल कर उसको चूमना शुरू कर दिया. अंजिली शायद शरमा रही थी और रजत को बोल रही थी, क्या कर रहे हो? प्लीज… संजय क्या सोचेगा? प्लीज यार… बाद में… प्लीज. पर बॉस नहीं मान रहे थे और उन्होंने अंजिली को सोफे ले लगा दिया और उसकी साड़ी का पल्लू गिरा दिया और अब मैं उसके स्तनों के नुकीले पॉइंट देख सकता था. मेरा लंड भी अब जोर मार रहा था और मैंने उसको अपने हाथो से दबा रहा था. रजत उसको चूम रहे थे और अपने हाथो से उसके दोनों बूब्स को मसल रहे थे.

फिर रजत ने उसका ब्लाउज खोल दिया और उसकी ब्रा भी उतार दी. दोस्तों, क्या बताऊ.. क्या क़यामत थे उसके बूब्स. मैंने तो बस अब पागल हो रहा था. मैंने उठना चाह, तो रजत ने मुझे रोक लिया और बोला – तू शेरो का आशिक है और तेरा बॉस जिस्मो को. अब तो मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था. दोस्तों, उसके ३६ साइज़ के बूब्स मेरे सामने झूल रहे थे. वो एकदम गोरी थी और उसके बूब्स संतरे की तरह एकदम गोल और उनपर पिंक चुचे.. तो क्या कहना. मैंने भी उनको दबाना चाहता था और उनसे खेलना चाहता था. लेकिन यार वो बॉस की बीवी थी और बॉस साथ, तो हिम्मत नहीं हुई. लेकिन, मैंने अपनी पेंट खोलकर अपने लंड को बाहर निकाल लिया था और उसको उनके सामने बैठ कर रगड़ रहा था. अंजिली सिमटी जा रही थी और अभी भी रजत को रोक रही थी. लेकिन, रजत मान ही नहीं रहे थे.

फिर, रजत ने उनकी पूरी साड़ी उतार दी. अब तो मेरी दिल की धड़कने बढनी शुरू हो गयी. अब मेरे लंड को कण्ट्रोल करना मुश्किल था. लेकिन मैं बहुत मजबूर था. अंजिली अब असज होने लगी थी और रजत को रोक रही थी. लेकिन, रजत उन पर बहुत हावी हो चुके थे. मैंने उठने का नाटक किया और वहां से चला गया. लेकिन, मैंने सोफे के पीछे जा कर छिप गया. रजत ने अब उनका पेटीकोट भी खोल दिया था और इधर मैंने अपनी पेंट खोलकर निकाल दी थी और अपने लंड को अंडरवियर से आजाद कर दिया था. वो किसी गन्ने की तरह हवा में फनफना रहा था. मैंने मुठ मारना शुरू किया और मस्ती में उनको देख रहा था. रजत ने अब उनको पूरा नंगा कर दिया. दोस्तों.. क्या मस्त चिकनी चूत थी.. बिलकुल सफ़ेद दूध की तरह और उस पर हलके काले बाल और उसके बीच में छिपी हुई प्यारी एक गुलाबी चूत.

मेरी मुह से तो लार टपकने लगी. रजत ने मुझे आवाज़ लगायी. लेकिन मैं नहीं गया और अपना मुठ मारता रहा. अंजिली बोली – चला गया है शायद. उसके रजत को एक प्यार से चपत लगायी ओत बोली – तुम बहुत बदमाश हो. तुम्हारी टीम में है. ऑफिस में किसी को कहेगा तो. रजत ने उसको होठो पर एक किस किया और अपने लंड को उनकी चूत पर रख कर एक धक्का मार दिया. अंजिली के मुह से एक मस्त सिसकारी निकली और उन्होंने रजत को हग कर लिया. रजत को हग करते समय उन्होंने मुझे देख लिया. लेकिन उन्होंने मुझे कुछ नहीं कहा और रजत के कान काटने लगी. मैं और भी ज्यादा गरम हो गया था और अब मुझे भी अंजिली को चोदना था. रजत ने कुछ देर चुदाई के बाद, अपना वीर्य निकाल दिया और मैंने भी अपना वीर्य वहीं जमीन पर गिरा दिया. कुछ देर, वो वहीँ पर पड़े रहे और मैं भी सोफे के पीछे.

सुबह होने से पहले वो दोनों अपने रूम में चले गये और मैं कपड़े पहकर वहीं सोफे पर सो गया. सुबह मुझे ले हो गया था. रजत ऑफिस जा चुके थे और अंजिली भी कहीं जाने की तैयारी कर रही थी. मैंने उनको सॉरी बोला. वो मुस्कुरायी और बोली – रजत ने तुम्हरी छुट्टी सेंशन कर दी है. मैं अभी बाहर जा रही हु. तब तक तुम फ्रेश हो जाओ. मैंने कुछ कपड़े रखे है. पहन लेना और नाश्ता कर लेना. फिर मैं तैयार हुआ और अंजिली के आने के बाद घर वापस आया गया.

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