मेरी साली – भोषड़ी वाली

मेरी साली का नाम है कशिश . 22 साल की कशिश निहायत खूबसूरत है Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
Antarvasna उसके तीखे नैन, अंडाकार चेहरा, गदराया सेक्सी बदन, गोल गोल सुडौल और मद मस्त चूचिया, पतली कमर , कद 5’4″ रंग गोरा, मोटी मोटी जांघे, उभरे हुए चूतड, मस्त गांड, गुन्दाज़ बाहें सब मुझे अपनी ओर बार बार खींच रही थी . मैं निकाह के समय अपनी साली को ही देखता रहा . उसका मटक मटक कर चलना, उसकी शोखी, उसकी चंचलता, उसका अल्हड़पन, उसकी तिरछी नज़रें सब मुझे बहुत आकषित कर रही थी . इन सबसे ज्यादा उसका खुलापन मुझे बहुत भा रहा था . उसके खुले खुले बाल, खुली खुली बातें, खुल कर हँसना, खुल कर खिलखिलाना, खुल कर बेबाकी से जबाब देना मेरे दिल को बहुत अच्छा लग रहा था मैं मन ही मन सोच रहा था की अगर ये खुल कर मुझे बुर भी देने लगे तो कितना अच्छा हो ? मैं आहिस्ते आहिस्ते कशिश का दीवाना होता जा रहा था . दूसरे दिन मैंने चुपके से उसे अपनी सहेलियों से बातें करते हुए सुन लिया .
एक सहेली बोली :- यार कशिश तेरा जीजू तो बड़ा मस्त है ? कितना स्मार्ट बन्दा है ?
कशिश :- यार, क्या तेरी नज़र मेरे जीजू पर है ?
दूसरी सहेली :- इसकी नज़र हो न हो पर मेरी नज़र जरुर तेरे जीजू पर है .
कशिश :- तो क्या तुम इसे अपने घर ले जाओगी ?
वह बोली :- घर ले जाऊं या न ले जाऊं पर इसका इस्तेमाल जरुर करूंगी .
तीसरी बोली :- हाय अल्ला, कशिश ये तो तेरे जीजू को अपनी बुर दे देगी ?
कशिश :- मैं ऐसा न होने दूँगी . मैं पहले इसे दूँगी अपनी बुर . इसका तो सबसे पहले मेरी चूत में जायेगा ? मेरे जीजू पर तुम लोग नज़र न लगाओ प्लीज ?
दूसरी फिर बोली :- अरे यार, बदले में मैं तुझे अपने जीजू का दे दूँगी .
कशिश :- मैं तो लंड देख कर ही अदला बदली करूंगी . अगर तेरे जीजू का अच्छा न हुआ तो मैं अपने जीजू का नहीं दूँगी .
चौथी सहेली :- तो क्या तू कल से ही चुदाने लगेगी अपने जीजू से ?
कशिश :- हाय अल्ला, तू कैसी बातें कर रही है . कल तो इसकी सुहागरात है . मैं जब भी इसे ले जाऊंगी तो दीदी को बता कर ले जाऊंगी .
दूसरी सहेली :- तो क्या तेरी दीदी ले जाने देगी ?
कशिश :-हां बिलकुल ले जाने देगी . उसको क्या पता की मैं उसके साथ घूमने जा रही हूँ की चुदवाने ? ट्रेन पकड़ने जा रही हूँ की उसका लन्ड पकड़ने ?
इतना सुन कर सभी सहेलियां हंसने लगी .
मैं ये सब बातें सुन कर हैरान रह गया . मेरा दिल और खसक गया कशिश की तरफ . अब मैं उस दिन का इंतज़ार करने लगा जब मेरा लन्ड इसकी चूत में घुसेगा
दोस्तों मैं हूँ अमजद अली मेरा निकाह हिना से हो रहा है . हिना मुझे बहुत पसंद करती है और मैं हिना को . लेकिन आज जब मैंने उसकी बहन की बातें सुनी तो मेरे कान भी खड़े हो गए और मेरा लंड भी . मैं हैरान था की मेरी सुहाग रात के पहले ही अपनी साली के नाम पर मेरा लंड खड़ा हो गया . मेरे मन में आया की मैं अपनी सुहाग रात में अपनी बीवी के साथ साथ अपनी साली को भी चोदूं .खैर निकाह होता रहा और मेरे मन में उथल पुथल होती रही . मेरी निगाह उसकी सहेलियों पर भी थी . मैं उन सभी सहेलियों को लन्ड पकडाना चाहता था जो उस दिन कशिश से बातें कर रही थी . ख़ास तौर से उस सहेली को जिसने कहा था की मैं तेरे जीजू के लन्ड के बदले अपने जीजू का लन्ड दे दूँगी . निकाह होने के बाद सुहागरात का नंबर आया लेकिन मेरे मन में साली का नाम ही चल रहा था . मैं रात को जब कमरे में जा रहा था तो कशिश बहुत चुलबुला रही थी . हंसी मजाक करने लगी .
मैंने उसके कान में कहा :- यार कशिश तुम भी आ जाओ न मेरे हाथ सुहागरात मनाने .
उसने कहा :- पहले दीदी को संतुष्ट करो .
मैंने कहा :- अरे उसे तो कर ही दूंगा मैं तुम्हे भी कर दूंगा .
उसने जबाब दिया :- अरे अभी तेरा इतना बड़ा नहीं है जो दो दो को झेल सके ?
मैंने पूंछा :- क्या इतना बड़ा नहीं होगा ?
उसने कहा :- अरे वही तेरे नीचे वाला और कौन ?
मैंने फिर पूंछा :- मेरे नीचे वाला कौन ? यार साफ साफ़ कहो न ?
कशिश चुपके से कान में बोली :- तेरा वही भोषड़ी वाला लंड और कौन ? ( ऐसा कह कर वह भाग गयी ) मैंने उसके मुह से “लंड” सुना तो मेरे “लंड” में आग लग गयी . मेरा लंड टन टना ताना उठा . मेरा मन हुआ की मैं इसे अभी यही पटक पटक कर चोद डालूँ . मैं इतना तो समझ गया की मेरी साली खाई खेली हुई है . लंड का मज़ा खूब ले चुकी है . और ले भी रही है . मेरे मन ने कहा यार इसे चोदने में दूना मज़ा आएगा क्योंकि यह अपने आप मस्त होकर चुदवाएगी मेरी बीवी भी बेहद खूबसूरत थी . हां कशिश से दो साल बड़ी थी . सुहागरात में मैंने उसके कपडे उतारे और उसके नंगे बदन से खेलने लगा . उसकी मस्त चूचियां दबाने लगा . उसकी गांड में हाथ फेरने लगा . उसकी चूत सहलाने लगा . उसके गाल होठ गर्दन बाहे चूंची सभी चूमने लगा . वह भी जुट गयी शेरनी की तरह . उसने सबसे पहले हमला मेरे लंड पर किया . लंड हाथ में आया तो मस्त होने लगी हिना . बार बार लंड चूमने लगी . वो लंड को देखे जा रही थी और लंड बढ़ता जा रहा था . हिना बोली हाय मेरे राजा तेरे लौड़े ने मुझे जिता दिया फिर वह लंड चाटने लगी .
मैं कुछ समझ न पाया तो मैंने पूंछा :- हिना ये जिताने का क्या मतलब ?
हिना ने बताया :- मेरी सहेली सायरा के शौहर का लंड 7″ का है . मैंने उससे कहा था की मैं एक ऐसे मर्द से निकाह करूंगी जिसका लंड तेरे शौहर के लंड से बड़ा होगा . मैं देख रही हूँ की तेरा लंड बड़ा है है और मोटा भी .
ऐसा कह कर उसने लंड फिर चूमा .
मैं समझ गया की हिना भी गैर मर्दों के लंड लेती है .
मैंने पूंछा :- क्या तुम उसके शौहर से चुदवाती हो ?
हिना ने जबाब दिया :- हां इसी शर्त पर उसने अपने शौहर का लंड मेरी बुर में पेला था की मैं भी अपने शौहर लंड उसकी बुर में पेलूंगी . आज मैं खुश हूँ की मैं उससे जीत गयी .
मैंने फिर पूंछा :- क्या तुम और भी मर्दों से चुदवाटी हो ?
उसने कहा :- हां मर्द तो होते ही है चोदने के लिए और औरतों का काम है चुदवाना . यही तो सिखाया है अम्मी ने मुझे . मैंने कहा तो फिर तेरी बहन कशिश भी चुदवाती होगी ? हिना बोली हां चुदवाती है . मैं उसे अपने बॉय फ्रिएंड्स से चुदवाते हुए देखा है . वो तो लंड पकड़ने में मुझसे ज्यादा एक्सपर्ट है . अपना लंड बचा के रखना पता नहीं कशिश कब आये और तेरा लौड़ा उठा ले जाये ? तब मैं समझ गया की अब कशिश को चोदना आसान होगा और मैं अपनी सास को चोद सकता हूँ क्योकि मेरी सास भी बुर चोदी बड़ी गरम औरत है . उसे भी ठंडा करना पड़ेगा मुझे ? हिना मेरा लंड हिलाती हुई बोली तो तुमने आजतक कितनी चूत चोदी है ? मैंने कहा यार चोडा जरुर है लेकिन गिना नहीं . हां लड़कियां चोदी है मैंने और लोगों की बीवियां भी चोदी है . हिना बोली तो फिर भोषडा चोदा होगा ? मैंने जबाब दिया हां भोषडा भी चोदा है मैंने अपनी भाभी का भोषडा, अपनी खाला का भोषडा और पड़ोस आंटी का भोषडा चोदा है मैंने . अब तू बता की तूने कितने मर्दों से चुदवाया है ? हिना बोली लंड गिना मैंने भी नहीं . लेकिन हां कई लड़कों ने चोदा मुझे और कई मर्दों ने भी पेला है लंड मेरी बुर में . मैंने पूंछा तो तेरी अम्मी भी गैर मर्दों से चुदवाती है न ? हिना बोली हां बिलकुल तो इसमें क्या ? ये ता आम बात है . मेरी खाला भी चुदवाती है और मेरी फूफी जान भी और मजे की बात है ये सब मेरे आमने भी चुदवाती है . इतने में किसी ने पीछे से कहा अरे भोषड़ी के जीजू लंड भी पेलोगे मेरी दीदी की बुर में की सिर्फ बातें ही करते रहोगे ? मैं इतनी देर से इंतज़ार में हूँ की कब तेरा लंड मेरी दीदी की बुर में घुसे ? मुझे सबको मुबारकबाद देनी है जीजू . जल्दी पेलो लंड उसकी बुर में ? तब मुझे मालूम हुआ की यहाँ एक रिवाज़ है की साली छुप छुप कर दीदी की सुहागरात देखती है और जब लंड उसकी बुर में घुस जाता है तो वह घर में सबको मुबारकबाद देती है . इससे पता चलता है की लड़का वाकई मर्द है ? मैं आवाज़ तो नहीं पहचान पाया लेकिन आवाज़ थी बड़ी मीठी . हिना बोली ये है मेरी मामू जान की लड़की हया . खैर मैं तब तक लंड हिना की बुर में पेल चुका था . मैं गचागच चोदे चला जा रहा था . लेकिन मैं मन में यही समझता रहा की मैं कशिश को चोद रहा हूँ . हिना ने जब मेरे झड़ते हुए लंड को चाटा तो मालूम हुआ की मेरी बीवी मस्त चुदवाने वाली औरत है और मैं इसके सहारे परायी बीवियों को चोदता रहूँगा . मेरे बहुत सारे दोस्त मेरी बीवी चोदने को तैयार है क्योंकि मैं उनकी बीवियां चोदूंगा . दूसरे दिन सवेरे कशिश ने पूंछा जीजू मेरी दीदी की मलाई थी मक्खन ?
मैंने कहा :- दोनों अब मैं देखूँगा की तेरी बुर कैसी होगी ? मलाई की मक्खन ?
कशिश मेरी बात सुनकर फिर भाग गयी दूसरे दिन कशिश मेरे कमरे में आ गयी . इत्तिफाक से कमरे में और कोई नहीं था . कशिश बोली जीजू उस दिन तुमने सब कुछ बताया लेकिन एक बात नहीं बताई ? मैंने कहा कौन सी बात नहीं बताई मैंने ? कशिश बोली तुमने यह नहीं बताया की तुमने कितने लोगों की गांड मारी है . मैंने उसे पकड़ लिया और अपनी तरफ खींच लिया और कहा तू बुर चोदी भोषड़ी वाली मेरी साली मुझे बहुत अच्छी लगती है . जबसे मैंने तुझे देखा है तबसे मेरा लौड़ा साला खड़ा ही है . आज मैं तेरी बुर में उसे घुसेड कर बैठा दूंगा . हिना बोली ऐसा क्यों करते हो जीजू मैंने एक बुर तो दे दी है तुझे चोदने को . उसी को खूब चोदो ? उसके मुह से अश्लील बातें सुन सुन कर मेरे अन्दर और जोश भरता जा रहा था . मैंने उसकी चून्चियां दबाई . चूतड पर हाथ मारा . उसकी पैंट के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत सहलाने लगा . मैंने जोर जबरदस्ती से उसे नंगी कर दिया . वह नंगी होना भी चाहती थी . उसने मुझे नंगा किया . मेरा लंड देखते ही बोली हाय अल्ला, बड़ा हरामी लंड है तेरा . बहन चोद मुझे नंगी देख कर गुर्रा रहा है . एकदम टन्ना गया है तेरा लंड ? उसने लंड चूमा तो लंड और खिलखिला उठा . बस कशिश जाल में फंस गयी . उसे लंड पसंद आया तो वह चुदवाने के लिए तैयार हो गयी . मैंने पूंछा की वह कौन सी तेरी सहेली जो अपने जीजू का लंड तेरे जीजू के लंड से बदलना चाहती है ? उसने बताया अरे वो मादर चोद शमा है . बड़ी चुदककड़ है भोषड़ी वाली . वह तो अपने अब्बू का लंड पकड़ती है . साली बड़ी शैतान लड़की है शमा . कशिश मेरा लंड मुह में लेकर चूसने लगी . अब मैं ज़न्नत का मज़ा लेने लगा . जब मैंने उसकी चूत में लंड पेला तो मुझे मालूम हुआ की हिना की बुर से इसकी बुर ज्यादा टाईट है . इसे चोदने में ज्यादा मज़ा आ रहा है . मैं बस जुट गया और भकाभक चोदने लगा कशिश की बुर . साली को चोदना कितना अच्छा होता है मुझे उस दिन मालूम हो गया .
एक हफ्ते बाद अचानक एक दिन कशिश ने मुझे शमा से मिलवा दिया .
कशिश :- अरे जीजू ये है मेरी सहेली शमा जो अपने जीजू से चुदवाती है .
शमा :- यार तुम इतनी गन्दी बात करके मेरी बेज्ज़ती कर रही हो ?
मैंने कहा :- नहीं यार शमा मैं तुम्हारी बड़ी इज्ज़त करता हूँ . .
कशिश :-अच्छा, अपने जीजू का लंड अपनी बुर में पलती है तू तब तेरी कोई बेज्ज़ती नहीं होती और मेरे कहने से तेरी बेज्ज़ती हो जाएगी ?
शमा :- तो तू भी पेल ले न मेरे जीजू का लंड अपनी बुर में . मैं तेरे जीजू का लंड पेल लेती हूँ .
कशिश :- ठीक है मैं लंड बदलने को तैयार हूँ लेकिन एक शर्त पर ?
शमा :- वह कौन सी शर्त है ?
कशिश :- शर्त यह है की तुम अपने जीजू को यहीं बुला लो . और हम तुम एक ही कमरे में चोदा चोदी करें ? तुम मेरे जीजू से चुदवाओ और मैं तेरे जीजू से चुदवाऊ .
शमा मान गयी और उस दिन मैंने रात भर समा को जी भर के चोदा .

Published by

hindisexstories

Hindi Sex Stories