ससुर और बहु में चुदाई 3

को छींटे की नहीं एक मोटे लूंबे लॉड की ज़रूरत थी Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
Antarvasna ऐसी बातें सोच सोच कर और ककच्ची के अंडर
कसी हुई बहू की चूत को देख देख कर रामलाल मूठ मारने लगा और झार गया.
थोरी देर में वो पंप
हाउस से बाहर निकला और कंचन के पास गया. कंचन उसके आने की आहत सुन कर अपना लहंगा
ठीक करके बैठ गयी थी. दोनो ने पैर के नीचे बैठ कर खाना खाया और फिर घर चले गये.
एक दिन कंचन की कमर में दर्द हो रहा था. सासू मया ने मालिश करने वाली को
बुलाया. मालिश करने
वाली का नाम कमला था और वो भी खेतों में ही काम करती थी. काफ़ी मोटी
टगरी और काली कलूटी थी.
बिल्कुल भैंस दिखती थी. जुब उसने कंचन की मालिश की तो कंचन को पता लगा की
कमला के हाथ में तो
जादू था. इतनी अक्च्छीी तरह से मालिश हुई की कंचन का दर्द एकद्ूम डोर हो
गया. सासू मया ने बताया
की कमला गाओं में सबसे अक्च्ची मालिश करती है.
हालाकी कमला भैंस की तरह मोटी थी और दिखने में अक्च्ची नहीं
थी लेकिन स्वाभाव की बहुत अक्च्ची और हँसमुख थी. कंचन से उसकी
बहुत जल्दी दोस्ती हो गयी. कमला ने कंचन से कहा
” बहू रानी आपको जब भी मालिश करवानी हो आप खेत में भी आ सकती हो. मैं
वहीं काम करती हूँ।
वहाँ एक झोंपड़ी है मैं आपकी मालिश कर दिया करूँगी.”
” ठीक है कमला मैं परसों अवँगी. तुम सारे बदन की मालिश कर देना.”
कमला ही रामलाल के लिए खेतों में काम करने वाली औरतों को पता के लाया करती थी.
कंचन अपने वादे के मुताबिक खेत में पहुँच गयी. कमला उसे एक
घास फूस की छ्होटी सी झोंपड़ी में ले गयि.झोम्पदि में दो कमरे
थे. एक कमरे में एक चारपाई पारी हुई थी. कमला ने कंचन से कहा,
” बहू रानी इस चारपाई पे लाइट जाओ. आज मैं आपकी अच्छी तरह मालिश कर दूँगी. मेरे
जैसा मालिश करने वाला इस गाओं में कोई नहीं है.”
” अरे कमला अपनी तारीफ़ ही करती रहेगी या मालिश करके भी दिखाएगी.”
” बहू रानी आप लेतो तो.” कंचन चारपाई पर लाइट गयी. कमला ने
सरसों का टेल निकाला और कंचन से कहा,
” बहू रानी, ये कापरे पहनी रहोगी तो मालिश कैसे होगी?”
” हा ! कापरे कैसे उतार दूं ? कोई आ गया तो?”
” आप कहो तो कप्रों के ऊपर ही तैल लगा दूं.”
„ हूट पागल. दरवाज़ा तो बूँद कर ले.”
” अरे बहू रानी आप डरो मूत यहाँ कोई नहीं आता है.”
„ नहीं, नहीं टू पहले दरवाज़ा बूँद कर.” कमला ने दरवाज़ा बूँद कर दिया.
„ चलिए बहू रानी अब कापरे तो उतार दीजिए, नहीं तो मालिश कैसे होगी?” कंचन उठ कर
खरी हो गयी और शरमाते हुए अपना ब्लाउस उतार दिय.खन्चन की मोटी मोटी चूचियाँ अब ब्रा
में क़ैद थी. कमला कंचन के लहँगे का नारा खींचती हुई बोली, ” इसे भी तो
उतार दीजिए.” इससे पहले की कंचन संभालती उसका लहंगा उसके पैरों में परा हुआ था. अब कंचन
सिर्फ़ ब्रा और पनटी
में थी. कंचन के इस्कदर खूबसूरत और मांसल जिस्म को देख कर कमला भी चकित
रह गयी. क्या
ज़बरदस्त जवानी थी.
” ये क्या किया तूने कमला?” कंचन एक हाथ से अपनी चूचियाँ और एक हाथ से अपनी चूत को
ढकने की कोशिश करते हुए बोली.
” अरे बहू रानी आप तो ऐसे शर्मा रही हो जैसे किसी मारद के सामने कापरे
उतारे हों. जिस चीज़ को
ढकने की कोशिश वो तो पहले से ही आपकी ब्रा और ककच्ची में ढाकी हुई है.
शरमाओ नहीं बहू रानीमेरे पास भी वही है जो आपके पास है. चलो अब लाइट जाओ.”
कंचन पायट के बाल चारपाई पे लाइट गयी. कमला ने उसकी मालिश
शुरू कर दी. बहुत ही अक्च्ची तरह से मालिश करती थी. कंचन को
धीरे धीरे एक नशा सा आने लगा. उसे बहुत मज़ा आ रहा था.
कमला ने पहले उसकी पीठ की मालिश की. कभी साइड से हाथ डाल कर
ब्रा के अंडर से उसकी चूचीोन को भी हल्के से मसल देती और कंचन
की सिसकी निकाल जाती. फिर कमला ने कंचन की ब्रा का हुक पीच्चे से
खोल दिया.
” ये क्या कर रही है कमला?” कंचन ने बनावटी गुस्से में कहा.
” कुच्छ नहीं बहू रानी, पीठ पे मालिश ठीक से नहीं हो पा रही थी इसलिए खोल
दिया.” कंचन को
मालिश करवाने में बहुत मज़ा आ रहा था. अब कमला ने कंचन की टाँगों की
मालिश भी शुरू कर दी।
मालिश करते करते जांघों तक पहुँच गयि.खन्चन की टाँगें अपने आप ही खुल
गयी. कमला को अब
कंचन की मांसल जांघों के बीच में कच्ची के अंडर कसी हुई चूत नज़र आ रही
थी. इतनी फूली हुई
चूत तो आज तक उसने नहीं देखी थी. ककच्ची के दोनो ओर से लूंबे लूंबे काले
बॉल झाँक रहे थे. कमला
ने कंचन की चूत के बिल्कुल नज़दीक मालिश करनी शुरू कर दी. अब तो कंचन
उत्तेजित होती जा
रही थी. एक बार तो कमला ने शरारत करते हुए ककच्ची से बाहर निकले हुए
बालों को खींच दिया.
“ऊओिइ….क्या कर रही है कमला?”
” कुकच्छ नहीं बहू रानी, आपके बॉल हैं ही इतने लूंबे. मालिश करते पे खींच गये.”
” टू बहुत खराब है कमला !”
” वैसे बहू रानी टाँगों के बीच के बॉल औरत की खूबसूरती पे चार चाँद लगा
देते हैं. मारद लोग तो
इनके पीच्चे पागल हो जाते हैं.”
” अक्च्छा! टू तो ऐसे बोल रही है जैसे बहुत सारे मर्दों को जानती है.”
” बहुत सारे मर्दों को तो नहीं पर कुकच्छ असली मर्दों को ज़रूर जानती हूँ.”
” क्यों मारद नकली भी होते हैं क्या? असली मारद का क्या मतलूब?”
” असली मारद वो होता है बहू रानी जिसके अंडर औरत को तृप्त करने की शक्ति
होती है.ऊन्मेन से
एक मारद तो आपके ससुर जी ही हैं.” ये सुन कर तो मानो कंचन को शॉक सा लगा.
” तुझे मालूम है टू क्या कह रही है? पागल तो नहीं हो गयी
है.” कमला कंचन की चूत के एकद्ूम पास मालिश करती हुई बोली,
” बहू रानी, मैं ग़लत क्यों बोलूँगी? सुचमुच आपके ससुर जी सकच्चे मारद
हैं. बिल्कुल गधे के जैसा है उनका.”
” क्या मुटलुब? क्या गधे के जैसा है?”
” हा… बहू रानी अब ये भी बताना परेगा? अरे ! आपके ससुर जी का लंड बिल्कुल
गधे के लंड के
माफिक लूंबा है.” कमला मालिश करते हुए पनटी के साइड से उंगलियाँ अंडर
डाल कर कंचन की
चूत की एक फाँक को मसालते हुए बोली. कंचन की चूत तो अब गीली होने लगी थी.
” आआआआः…..… ये क्या कर रही है ? ऐसे गंदे शब्द बोलते तुझे शरम नहीं आती ?”
” इसमें गंदा क्या है बहू रानी ? मारद की टाँगों के बीच में जो लटकता है
उसे लंड नहीं तो और क्या कहते हैं ?”
” अक्च्छा, अक्च्छा ! लेकिन तुझे कैसे मालूम की उनका इतना बरा है ?”
” क्या कितना बरा है बहू ?” कमला कंचन को च्चेरते हुए बोली.
” ऊओफ्फ! लंड और क्या ?”
” हन अब हुई ना बात. ये तो राज़ की बात है. आपको कैसे बता सकती हूँ?”
” तुझे मेरी कसम बता ना.”
” ठीक है बता दूँगी लेकिन आप फिर कहोगी कैसी गंदी बात कर रही हो.”
” नहीं कहूँगी. अब जल्दी बता ना.” कंचन की चूत पे चीतियाँ रेंगने लगी थी.
” अक्च्छा बताती हूँ. आप ज़रा अपनी ककच्ची तो नीचे करो, आपके नितुंबों की
मालिश कैसे करूँगी?”
ये कहते हुए कमला ने कंचन की पनटी नीचे सरका दी. कंचन के कुकच्छ कहने से
पहले ही उसकी
पनटी अब उसके घुटनों तक सरक गयी थी और कमला ने ढेर सारा टेल कंचन के
छूटरों पे डाल दिया
था. कंचन के विशाल नितुंबों को काफ़ी टेल की ज़रूरत थी. टेल गोल गोल
छूटरों पे से बह कर उनके
बीच की दरार में से होता हुआ कंचन की चूत तक आ गया. छूट के बॉल टेल में भीग गये.
” ऊओफ़ ये क्या कर रही है ? मेरी ककच्ची ऊपर कर.”
” ऊपेर करूँगी तो आपकी ककच्ची टेल से खराब हो जाएगी, इसको निकाल ही दो.”
यह कहते हुए
कमला ने एक झटके में कंचन की पनटी उसके पैरों से निकाल दी.
” कमला तूने तो मुझे बिल्कुल ही नंगी कर दिया. कोई आ गया तो क्या होगा?”
” यहाँ कोई नहीं आएगा बहू रानी. जुब आप एक मारद के सामने नंगी हो सकती हो
तो एक औरत के सामने नंगी होने में कैसी शरम?”
” हा… कमला मैं किस मारद के सामने नंगी हुई?”
” क्यों आपके पति ने आपको कभी नंगी नहीं किया?”
” ओह ! वो तो दूसरी बात है. पति को तो अपनी बीवी को नंगी करने का हक़ है.”
” मैं भी तो आपको सिर्फ़ मालिश करने के लिए नंगी कर रही हूँ. अब देखना
मैं आपकी मालिशश
कितनी अक्च्ची तरह से करती हूँ. पूरी ज़िंदगी की थकान डोर हो जाएगी.” अब कमला दोनो
हाथों से कंचन के विशाल छूटरों पर मालिश करने लगी. बीच बीच में दोनो
छूटरों को फैला कर
उनके बीच की दरार को भी उंगली से रगर देती. ऐसा करते हुए उसकी उंगली
कंचन की गेंड के
च्छेद पे भी काई बार रगर जाती. जुब भी ऐसा होता कंचन के मुँह से ‘ आह..
ओह.ऽआ’ की आवाज़ें
निकाल जाति.खन्चन ने टाँगें और चौरी कर दी थी ताकि कमला ठीक से टाँगों के
बीच में मालिश कर सके.
” कमला बता ना टू ससुर जी के बारे में क्या कह रही थी.?”
” बहू रानी मैं कह रही थी की आपके ससुर जी का लंड भी गधे के जैसा है.
क्या फौलादी लंड है. इतना
लूंबा है की दोनो हाथों में भी नहीं आता.”
” ये सूब तुझे कैसे पता?”
” मैने आपके ससुर जी की भी मालिश की है. और ख़ास कर उनके लंड की. सच बहू रानी इतना
मोटा और लूंबा लंड मैने कभी नहीं देखा. विश्वास नहीं होता तो खेत में
काम करने वाली औरतों से पूच लो.”
” क्या मतलूब है तेरा? खेत में काम करने वाली औरतों को कैसे पता?”
‘ आप तो बहुत भोली हो बहू रानी. जवानी में आपके ससुर जी ने खेत में काम
करने वाली सभी
औरतों को चोडा है. जो औरत उन्हें पसंद आ जाती थी उसे पता के बाबू जी के
पास ले जाना मेरा
काम था. दो तीन औरतें तो इतना बरा लंड सहन ही नहीं कर सकी और बेहोश हो
गयी थी. उनमें
से एक तो बाबू जी की साली भी थी.”
” साली को भी…. ?” कंचन चौंक के बोली.
” हन बहू रानी बाबू जी ने साली को भी चोडा. 17 साल की लड़की थी. कॉलेज
में पर्हती थी. जुब
बाबू जी ने पहली बार चोडा तो कुँवारी थी. ऊफ़ ! कितना खून निकला था
बेचारी की कुँवारी चूत में
से. इतना लूंबा लॉडा सहन नहीं कर सकी और बेहोश हो गयी थी. अक्च्छा हुआ
बेहोश हो गयी
नहीं तो इतना खून देख कर दर्र जाती. बाबू जी भी दर्र गये थे. फिर मैने
ही उसकी चूत की सफाई
की . बेचारी एक हफ्ते तक टाँगें चौरी कर के चलती रही और फिर शहर चली
गयी.” कमला भी मज़े
ले कर कहानी सुना रही थी. अब उसने कंचन के छूटरों के बीच में से हाथ डाल
कर चूत के चारों ओर
के बालों में टेल मलना शुरू कर दिया था. एक बार तो चूत को मुट्ठी में ले
कर मसल दिया.

Published by

hindisexstories

Hindi Sex Stories