Antarvasna Hindi Sex Stories चुदाई का रहस्य

नमस्कार यारों,
आज मैं आपको फूलन की कहनी सुनाने जा रही Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
Antarvasna हूँ जोकि मेरे घरवालों के करीबी दोस्तों के बच्चों में आया करती थी | दोस्तों वो उम्र में कुझ्से लगभग एक
या दो साल ही बड़ी होगी पर उसका काया मतलब जब मैं भी अपनी जवानी में कदम
रख चु़क था | मतलब तो अब मेरे लंड के सयिज़ से था जोकि लाज़मी तौर पर
उसकी चुत से काफी मोटा था | दोस्तों किसी ना किसि बहाने परिवार के काम के
बहाने मेरा फूलन से मिलना – जुलना हो जाया करता था | वो बहुत ही मजाकिया
लौंडिया थी जिसे बात – बात पर मेरे साथ शारीरक छेड़ – खानी की तो मनो आदत
सी पड़ गयी थी | पहले तो अमीन इन सब में गौर नहीं किया पर धीर – धीरे
मेरा भी मन फिसलने लगा था | मुझे भी उसके हार बार छूने पर दिल में सू
लड्डू फुट जाया करते थे |
मैंने एक दिन उसके घर जाकर उसके माता – पिता से मिलने की सोची क्यूंकि
मुझे अपना कुछ निजी काम था | मैं उसके घर में पहुंचा तो देखा की उसके माँ
– बाप तो घर पर हैं ही नहीं | मैंने देखा की फूलन अपने कमरे में बिस्तर
पर लेटी हुई कोई किताब पढ़ रही थी जिसपर मैं पास जाकर देखेने लगा तो
हैरान ही रह गया | मैंने देखा की फूलन नंगे – नंगे लड़कों की फोटों को उस
किताब में छुपाते हुए देख रही थी | उसकी इस हरकत पर मेरे लंड ने एक बार
में ही सलामी दे डाली | मैंने फ़ौरन अपने लंड को बहार दिखाकर कहा, ओह्ह्ह
तेरी . .यह क्या उन बच्चों को क्या देख रही है जानेमन . .?? असली घोड़े
तो देख . ! !
फूलन ने पीछे मुड़कर देखा तो वो अचानक से काँप उठी | वो डरकर अपनी किताब
को छुपा ही रही थी मैंने बोला, अरे . ना ना . .यह असली लंड को देख . .
चाहे तो चूस भी सकती है . . ! !
मेरे इस लव्ज़ सुनते ही उसकी चहरे पर मुस्कान छूट गयी | मैं बिस्तर पर
अपने लंड को निकाले हुए चढ गया और वो मेरे लंड को पास आकर चूसने लगी और
मैंने उसे अपनी बाहों में लेते हुए उसके चुचों को दबाता हुआ होंठों को
चूसने लगा | कुछ देर बाद मैंने उसके टॉप को उतार दिया साथ ही उसके चुचों
के पीते हुए निप्पल को अपनी जीभ से सहलाने लगा जिसपर उसके निप्पल एक दम
अकड गए थे | मैं फूलन के होंठों को चुसते हुए उसकी चुत की फांकों के बीच
पानी उँगलियों को आगे – पीछे मसलने लगा | कुछ देर बाद ही मैंने फूलन की
चुत में वहीँ लिटाते हुए अपने लंड के सुपाडे को उसकी चुत पर उप्पर रगड़ते
हुए धक्का देकर पेलना शुर कर दिया |
मेरा लंड फूलन की चुत में अंदर की ओर जोर – जोर से ज़बरदस्त झटके देने
लगा | हम पल में एक दूसरे मेंइस तरह सिमट चुके थे की देखने में एक बदन दो
जान लग रहे थे | मैंने जैसे ही उसुकी चुत में अपने लंड के वार पेलता तो
वो एक बार में मेरी बाहों में सिकुड जाया करती थी | कामुक रासलीला इस तरह
चलती चली गयी और हम झटकों के साथ एक दूसरे में ही झड गए | जब मुझे अपनी
असली अवस्था की पहचान हुई तो मैं डर गया क्यूंकि अब फूलन को बच्चे होने
का डर था | मैंने तभी उसे आई – पिल्ल की गोली खिलाई जिसके बाद अगले ही
दिन उसके बुर के रास्ते ही सब कुछ सफाया हो गया | अगली बार से मैंने फूलन
की चुदाई कंडोम पहन कर ही करता हूँ |

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