Hindi Sex Stories मस्तानी हसीना 13

और उसमे से खून और उनके वीर्य का मिश्रण निकल रहा था. बेड शीट भी खून से

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Antarvasna लाल हो गयी थी. मेरी चूत के बाल तैल, उनके वीर्य और खून से चिप चिप हो

रहे थे. अपनी चूत की ये हालत देख के मैं रो पड़ी. मेरी समझ नहीं आ रहा था

कि मैं क्या करूँ. इतने में ये बाथरूम से बाहर निकल आए. उनका लंड सिकुड

के लटक रहा था लेकिन अभी भी काफ़ी ख़तरनाक लग रहा था. मुझे रोते देख मेरे

पास आ कर बोले,” क्या बात है कंचन ? बहुत दर्द हो रहा है?”

मेरी टाँगें चौड़ी करके मेरी चूत की हालत देख कर मुकुराते हुए बोले,

” पहली, पहली चुदाई में ऐसा ही होता है मेरी जान. मेरा लॉडा भी तुम्हारी

कुँवारी चूत को चोद्ते हुए छिल गया है. आओ बाथरूम में चल के सॉफ कर लो.”खैर इस सब के बाद भी मैं अपने भाई
विकी को नहीं भुला सकी. अब तो मैं कुँवारी भी नहीं थी. सोच लिया था कि इस
बार मायके गयी तो विकी से चुदवाने की तमन्ना ज़रूर पूरी करूँगी. आख़िर वो
दिन भी आ गया. मायके से बुलावा आ गया. मम्मी ने होली पे एक महीने के लिए
बुलाया था.

होली पे ये मुझे मायके छ्चोड़ने आए. मम्मी ने मुझे इस बार कम से कम एक
महीने रुकने के लिए कहा. एक महीने बिना चुदाई के गुज़ारना तो बड़ा मुश्किल
मालूम पर रहा था. जाने से एक रात पहले इन्होने मुझे पूरी रात चोदा. मैने भी
जी भर के चुडवाया क्योंकि अगला एक महीना तो सूखा ही जाने वाला था. शादी के
बाद पहला मोका था जब मैं इतने लंबे समय के लिए मायके रहने आई थी. अगले दिन
ये वापस चले गये. जिस दिन ये गये उसी दिन विकी का दोस्त सुधीर घर पे आया.
केयी दिनों से मैने उनकी बातें नहीं सुनी थी. दरवाज़े के पीछे खड़ी हो गयी
कान लगा के. सोचा था अब किसी और लड़की की बातें करते होंगे. लेकिन जो सुना
वो सुन के तो मेरा पसीना छूट गया.

” हाई, सुधीर बारे दिनों के बाद आया है. लगता है कुत्ते की तरह मेरी दीदी को सूघता हुआ आ गया.”

” सूंघ कैसे सकता हूँ यार तूने कभी इस कुत्ते को अपनी दीदी की चूत सूँघाई
ही नहीं. तेरी दीदी अगर एक बार भी मेरे सामने अपनी चूत खोल कर बैठ जाए तो
तेरी कसम सारी उमर कुत्ता बनने को तैयार हूँ.”

” हा हा. हा. कुत्ता बन के क्या करेगा?

” सारी उमर तेरी दीदी की चूत चाटूंगा. कल बाज़ार में देखा था. सच शादी के
बाद से तो जवानी और भी निखर आई है. चूटर क्या फैल गये हैं. तेरे जीजाजी
ज़रूर उसकी गांद भी मारते होंगे.”

” नहीं यार शायद जीजाजी दीदी की गांद नहीं मारते.”

“तुझे कैसे पता?”

” क्योंकि कल रात मैने दीदी और जीजाजी की रास लीला देखी. पूरी रात चोदा
उन्होने दीदी को लेकिन गांद नहीं मारी. ज़िंदगी में पहली बार किसी लड़की की
चुदाई देखी, और वो भी अपनी बेहन की.”

” वाह प्यारे! तू तो बहुत तेज़ निकला. लेकिन देखा कैसे? बता ना यार क्या क्या देखा.?”

” ऐसे नहीं बताउन्गा. कुच्छ फीस देनी परेगी.”

” जो तू कहेगा वो दूँगा.जल्दी बता.”

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