Hindi Sex Stories मस्तानी हसीना 4

अब मैं 18 बरस की हो गयी थी और स्कूल में 12 क्लास में मेरा आखरी साल था.

Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
Antarvasna मुझे साड़ी में देख कर कोई कह नहीं सकता था कि मैं स्कूल में पढ़ती हूँ.

चूचियाँ 38 इंच होने जा रही थी. मेरे बदन का सबसे सेक्सी हिस्सा शायद

मेरे भारी नितूंब थे. लड़कों को देख कर मैं और मटक कर चलती. उनकी आहें

सुन कर मुझे बड़ा मज़ा आता. अक्सर मेरे नितुंबों पर लड़के कॉमेंट पास

किया करते थे. एक दिन तो हद ही हो गयी. मैने एक लड़के को बोलते सुना, ”

हाई क्या कातिल चूतर हैं. आजा मेरी जान पूरा लॉडा तेरी गांद में पेल

दूं.” मैं ऐसी अश्लील बातें खुले आम सुन कर दंग रह गयी. जब मैने उस लड़के

के कॉमेंट के बारे में नीलम को बताया तो वो हस्ने लगी.

” तू कितनी अनारी है कंचन. तेरे चूतर हैं ही इतने सेक्सी की किसी भी

लड़के का मन डोल जाए.”

” लेकिन वो तो कुच्छ और भी बोल रहा था.”

” तेरी गांद में लंड पेलने को बोल रहा था? मेरी भोली भाली सहेली बहुत से

मर्द औरत की चूत ही नहीं गांद भी चोद्ते हैं. ख़ास कर तेरी जैसी लड़कियो

की, जिनकी गांद इतनी सुन्दर हो. अभी तो सती सावित्री है , जब तेरी शादी

होगी तो याद रख एक दिन तेरा पति तेरी गांद ज़रूर चोदेगा. सच कंचन अगर

मेरे पास लंड होता तो मैं भी तेरी गांद ज़रूर मारती.”” हट नालयक ! सुधीर ने भी तेरी गांद चोदि है ?”

” नहीं रे अपनी किस्मत में इतने सेक्सी चूतर कहाँ.”

मुझे पहली बार पता लगा कि औरत की आगे और पीछे दोनो ओर से ली जाती है. तभी

मेरे आँखों के सामने साधु महाराज का लंड घूम गया और मैं काँप उठी. अगर वो

बिजली का खंबा गांद में गया तो क्या होगा! मुझे अभी भी नीलम की बात पर

विश्वास नहीं हो रहा था. इतने छ्होटे से छेद में लंड कैसे जाता होगा.

इस दौरान सुधीर ने मेरे भाई विकी से अच्छी दोस्ती कर ली थी. दोनो साथ साथ

ही घूमा करते थे. एक दिन जब मैं बाज़ार से वापस आई तो मैने देखा कि सुधीर

और विकी ड्रॉयिंग रूम में कुच्छ ख़ुसर पुसर कर रहे हैं और हस रहे हैं .

मैं दीवार से कान लगा कर उनकी बातें सुनने लगी. उनकी बातें सुन के मैं

हैरान रह गयी. सुधीर कह रहा था,

” विकी तूने कभी किसी लड़की की चूत देखी है ?”

” नहीं यार अपनी किस्मत ऐसी कहाँ ? तूने देखी है?”

” देखी ही नहीं ली भी है.”

” झूट मत बोल. किसकी ली है ?”

” तू विश्वास नहीं करेगा.”

” अरे यार बोल ना. विश्वास की क्या बात है?”

” तो सुन, तेरी बेहन कंचन की सहेली नीलम को मैं रोज़ चोद्ता हूँ?”

” क्या बात कर रहा है? मेरी दीदी की सहेलियाँ ऐसी हो ही नहीं सकती. मेरी

दीदी ऐसी लड़कियो से दोस्ती नहीं कर सकती.”

” देख विकी तू बहुत भोला है. तेरी बहन जवान हो चुकी है और अच्छी तरह

जानती है कि नीलम मुझसे चुदवाति है.”

” मैं सोच भी नहीं सकता की दीदी ऐसी लड़की से दोस्ती रखती है.”

” विकी एक बात कहूँ? बुरा तो नहीं मानेगा?”

” नहीं, बोल.”

” यार, तेरी दीदी भी पताका है. क्या गदराया हुआ बदन है. तूने कभी अपनी

दीदी की ओर ध्यान नहीं दिया.?”

” सुधीर! क्या बकवास कर रहा है. अगर तू मेरा दोस्त नहीं होता तो मैं तुझे

धक्के मार के घर से निकाल देता.”

” नाराज़ मत हो मेरे दोस्त. तू और मैं दोनो मर्द हैं. लड़की तो लड़की ही

होती है, बेहन ही क्यों ना हो. सच कहूँ, मैं तो अपनी बड़ी बेहन को केयी

बार नंगी देख चुक्का हूँ. मैने बाथरूम के दरवाज़े में एक छेद कर रखा है.

जब भी वो नहाने जाती है तो मैं उस छेद में से उसको नंगी नहाते हुए देखता

हूँ. तू मेरे साथ घर चल एक दिन तुझे भी दिखा दूँगा. अब तो खुश है ना! अब

सच सच बता तूने अपनी दीदी को नंगी देखा है.?”

Published by

hindisexstories

Hindi Sex Stories