जवान और खूबसूरत 3

कैबीन मैं हम चारो की आवाजें गूँज रही थी जीससे बड़ा ही अनोखा मूसीक बन रहा था. Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
Antarvasna सुम्मी को चोदने मैं वह अजनबी झाड़ा नही था ईसलीए वह रवी की गांड मैं झरने को बेक़रार था. काफी देर बद रवी का गढा पानी मेरी चुत मैं गीराने लगा तो मैंने उसकी गर्दन को मजबूती से अपने पैरो मैं जकडा और खुद भी झडने लगी. इधर वह अजनबी भी रवी की गांड मैं अपना रस छोड़ने लगा. रवी गांड मैं गरम पानी महसूस कर काँपने लगा. मैंने झडते हुये सुम्मी के सीर को अपनी चुचीयों पर कास लीया था. हम सभी झडने के बद सुस्त परे थे. कुछ देर बद उस अजनबी ने अपना लंड रवी की गांड से बहार कीया तो रवी भी मुझसे अलग हुआ.

मेरी चुत से रवी के लंड का रस बहार आने लगा और उसकी गांड से भी रस बहार गीरने लगा. सुम्मी ने मेरी चुत साफ की और फीर मैं और सुम्मी कपडे पहनकर टॉयलेट चले गए. वह जाकर हुम्दोनो ने पेशाब कीया और बीना कुछ बोले वापस आये. जब कैबीन मैं वापस आये तो वी दोनो कपडे पहनकर आपस मैं गपशप कर रहे थे. रवी ने उस अजनबी का इन्त्रोदुक्शन देते हुये कहा “रीहाना डारंलीग यह . नोहीत हैं. यह एक सोफ्टवेय्र इंजीनीयर हैं और देल्ही तक जा रहे है. और डारंलीग यह हमलोगों का साथ देल्ही तक देंगे.” “ओह मर. नोहीत आपसे मीलकार बहुत ख़ुशी हूई. ओह रवी यह बहुत ही दमदार आदमी लगते है.” मैं मस्त होकर बोली. ट्रेन अपनी रफ्तार से चली जा रही थी. हमलोग आपस मैं गपशप करते और साथ मैं चेड्खानी भी कर रहे थे. अब हमलोग नीचे की ब्र्थ पर ही थे. एक पर मैं रवी के ऊपर लेती थी और दूसरी ब्र्थ पर सुम्मी नोहीत के ऊपर लेती थी.

रवी मेरी चुचीयों को छेड़ रहा था जबकी नोहीत सुम्मी की गांड सहला रहा था. हमलोग एक दुसरे को देखकर मुस्करा भी रहे थे. रात के २ बज रहे थे. अब रवी मेरे गालों को चूमते हुये मेरी चुत के घने बालों को सहला रहा था और सुम्मी नोहीत के लंड को सहला रही थी. नोहीत भी उसके मम्मो को मसल रहा था जीससे वह सीसक रही थी. तभी मेरा दील नोहीत के लंड के ख़याल से सुलग उठा. उसका लंड रवी के लंड से काफी तगड़ा था. रवी के लंड का मज़ा तो ले ही चुकी थी अब मेरा मॅन नोहीत के लंड से चुदवाने को बेक़रार हो गया. यह ख़याल आते ही मैं बोली”मेरा ख़याल ही की अब हमलोग अपने अपने साथी बदल ले?” मेरी बात सुनकर नोहीत मुझे घूरने लगा. उसके घूरने के अंदाज़ से मैं समझ गयी की वह भी मेरी जवानी को चखना चाहता है.मैं उसके घूरने पर मुस्कराती हूई ब्र्थ से उठी तो वह फौरन मेरे पास आया और चीपकाकर चूमने लगा. उसका कीस मुझे मदहोश कर गया और मैं उससे चीपक गयी. रवी और सुम्मी एक ब्र्थ पर चुपचाप बैठे हम्दोनो को देख रहे थे. मैं नोहीत के साथ ख़ूब आह ऊह कर सीसीयाते हुवे मज़ा ले रही थी. हम्दोनो एक दुसरे को लीपस पर कीस कर रहे थे. नोहीत मेरे नाज़ुक बदन को भींचकर मेरे लीपस चूमते हुये मेरी कुरते को अलग करने लगा. मुझे इस वक़्त कपडे बहुत भारी लग रहे थे. नंगे होकर ही चुदाई का मज़ा आता है. कुछ देर मैं नोहीत ने मुझे नंगा कर दीया और मेरी गोरी गोरी चुचीयों को मेरे पीछे से चीपक कर पकड़ लीया और दबाने लगा. इस तरह से उसका लंड गांड पर चीपका था और मेरी सनसनी इनक्रीस करने लगी. मैंने रवी और सुम्मी को देखा तो वी अलग अलग बैठे हमें ही देख रहे थे. अब नोहीत अपनी ऊँगली को मेरी चीपकी जांघों पर लाकर मेरी चुत सहलाने लगा था. तभी उसने मेरी clitoris को मसला तो मेरी चुत ने जोश मैं आकर पूचह से पानी बहार फ़ेंक दीया. मैं मस्त होकर चुत मैं लंड डलवाने को बेक़रार हूई तो नोहीत के कपडे खोलकर उसे भी एकदम नंगा कर दीया. ओह अल्लाह, पैंट अलग होते ही नोहीत का लंड फुदकने लगा. एकदम iron रोड की तरह लग रहा था. उसका लंड अपने हाथ मैं लेकर मैं सहलाने लगी. सच, रवी के लंड से काफी बड़ा था. मैं हाथ से मुठीयाने लगी तो नोहीत मेरी चुत को फीनगर फक करने लगा.

कुछ देर बद नोहीत नीचे बैठा और अपना चेहरा मेरी जांघों के बीच ला मेरी चुत पर जीभ फीराने लगा. ओह… चुत चुस्वाने पर मैं गांगाना उठी. वह अपनी जीभ को चुत के चारो तरफ फीराकर चाट रहा था. मेरी झांतो को भी चाट रहा था और मैं अपनी जांघों को फैलाती चली गयी. उसके थूक से मेरी चुत भीगी थी और वह clitoris को मुँह मैं लेकर चूस रहा था. रवी और सुम्मी अभी भी चुपचाप हुमदोनो को देख रहे थे. मैं सुम्मी से बोली”अरे सुम्मी तुम क्या हमलोगों को ब्लू फील्म की तरह देख रही हो? अरे क्यों मज़ा खराब कर रही हो. तुमको लंड की ज़रूरत है और रवी को चुत की. तुम रवी के लंड का मज़ा लो.” मेरे बोलने का असर उनदोनो पर हुआ. उनदोनो ने एक दुसरे को देखा फीर रवी उठकर सुम्मी के पास गया और उसके गाल को चूम लीया. सुम्मी गाल पर कीस पाकर मस्त हो गयी और खाडी होकर रवी से चिपककार उसके लीपस चूमने लगी. मैंने नोहीत की चहरे को अपनी चुत पर दबाया और उन्दोनो को देखने लगी. व्हो भी अब एक दुसरे से लीपते थे. रवी जम्पर के अंदर हाथ डालकर सुम्मी की चुचीयों को पकड़े था और सुम्मी रवी के लंड को. अगले कुछ ही वक़्त मैं रवी ने सुम्मी को एकदम नंगा कर दीया.

सुम्मी की चुत पर घुंघराले बाल थे जिनको रवी ऊँगली से सहलाने लगा. सुम्मी ने रवी के लीये अपनी जाँघों को फैलाया हुआ था. तभी रवी ने उसे उठाकर ब्र्थ पर लिटा दीया. तब सुम्मी ने दोनो पैरो को चौड़ा किया तो नोहित की तरह रवी भी उसकी चुत पर झुकता चला गया. रवी अपनी जीभ नीकालकर सुम्मी की चुत को चाटने लगा. सुम्मी के पैर मेरी तरफ होने की वजह से नज़ारा एकदम कलेकर मील रहा था. सुम्मी क़मर उछालकर च्टवा रही थी. फीर रवी ने अपनी जीभ सुम्मी की चुत मैं पेल दी और सुम्मी को tounge फक करने लगा. सुम्मी अपनी चुत को रवी की जीभ पर नाचने लगी. सुम्मी की चुत के नमकीन रस को रवी मज़े से चाट रहा था. इधर नोहीत भी रवी की तरह मेरी चुत के Pink होउल मॆं अपनी जीभ पलकर मुझे tounge फक कर रहा था. रवी की तरह नोहीत ने भी मेरी टांगो को फैलाया हुआ था. मैं जब बेक़रार हो गयी तो बोली”ओह नोहीत डारंलीग अब चुत को चूसना खतम करो और मेरी चुत मैं अपना लंड डाल दो नही तो मैं मर जाउंगी. आह जल्दी चोदो मुझे.” मेरी बात सुनकर नोहीत ने अपने लंड को मेरी चुत पर सटकर एक करारा शोट मारा तो उसका लंड मेरी चुत को फाड़ता हुआ अंदर जाने लगा. दर्द हुआ तो मेरे मुँह से नीकल पड़ा”हाय रजा आराम से.