बहनों की अदला बदली (Incest) 3

पदमा के जाने के बाद जब हम अगले कमरे Antarvasna मे आये तो पूर्वी और नेहा को बैठे हुए देखा.

मैंने पूछा, “कब की आयी हो तुम?”
नेहा ने कहा, “कब से? बीस मिनट हुए होंगे, क्यों पूर्वी?”
पूर्वी बोली, “हाँ.”
समीर ने पूर्वी से कहा, “बदमाश, चुपके चुपके आ के देख रही थी ना?”

मैं चौंक पड़ा.

इतने मे नेहा बोली, “हाँ, समीर भईया, वो मुझे खींच कर दिखाने ले आयी थी.”

अब मैं समझ गया. इन दोनो लड़कीयों ने प्लान कर के ही हमारी चुदाई देखी थी.

मैंने कहा “समीर, नेहा कुँवारी नही है. उसके वास्ते चुदाई कोई नयी चीज़ नही है. लेकिन पूर्वी?”
समीर ने कहा, “क्यों पूर्वी, तू कुँवारी है?”
पूर्वी शर्मा गई और बोली, “ऐसे भी क्या पूछते हो भईया? आप जानते तो हैं.”

मैं समझ गया की पूर्वी को किसी ने चोदा है जरुर.

समीर ने पूछा, “यश यह बता, कौन खुशनसीब था जिसने नेहा को…”
नेहा बोली, “बोलिये, बोलिये. रुक क्यों गये? नेहा को क्या?”
समीर आगे बोला, “ओके, जिसने नेहा को पहली बार चोदा था?”

पूर्वी ने आंख से मेरी ओर इशारा किया और बता दिया.

समीर बोला, “अच्छा, तो यह बात है? कब और कहाँ चोदा था? नेहा तू ही बता.”
नेहा बोली, “मंजुला भाभी के साथ ही. उसी वक्त.”
समीर बोला, “वाह रे मेरे शेर, एक साथ दो दो चूत मारी तूने?”

मैं क्या बोलूं? मुस्कुराता रहा. पूर्वी मुझसे आंख नही मिला पा रही थी.

मैंने पूछा, “पूर्वी, तुझे किस ने चोदा पहली बार?”
नेहा बोली, “चुप रहो भईया, बेचारी अभी भी शर्म से बाहर निकली नही है.”
मैं बोला, “जैसे जैसे चुदवाती चलेगी वैसे वैसे शर्म कटती चलेगी और तेरे जैसी बेशर्म बन जायेगी.”

पूर्वी शर्म से लाल लाल हो गयी. समीर ने उसके कंधे पर हाथ रखे और बोला, “मैं बताता हूँ. मेरी प्यारी बहन को मैंने ही पहली बार चोदा था.”

पूर्वी ने अपना चेहरा समीर के सीने मे छुपा दिया.

नेहा ने कहा, “पूरी बात करो, समीर भईया, कहाँ और कैसे आप ने पूर्वी को चोदा यह पूरी कहानी सुनाईये.”
समीर ने कहा, “बातें बाद मे करेंगे. अभी तो दूसरा काम बाकी है. आ जाओ मेरे पास. और पूर्वी, जा तुझे यश बुला रहा है.”

नेहा को गोद मे लेते हुए समीर ने कहा, “यश, क्या खयाल है, बहनों की अदला बदली करेंगे?”
मैंने कहा, “क्यों नही? बहनें जो राज़ी हो तो.”
समीर की गोद मे बैठी नेहा बोली, “नही, हम भाईयों की अदला बदली करेंगे, क्यों पूर्वी?”

मैं सोफ़ पर बैठा था. पूर्वी अपने आप मेरे पास चली आयी और खड़ी हो गयी. मैने उसकी कमर के आस पास हाथ लिपटाया और पास खींचा. उसने मेरे गले मे बाहें डाल दी. मैने उसकी ओढ़नी उतार दी, अब वो चोली घाघरे मे रह गयी. चोली छोटी सी थी इसलिये उसके गोरे सपाट पेट का काफ़ी हिस्सा खुला था. मैने पेट पर चुम्बन किया तो वो छटपटा गयी. बोली, “गुद गुदी होती है.”

“ये तो तेरा पेट है. यहाँ…” भोस पर हाथ रखते हुए मैने कहा, “…यहाँ किस्स करुंगा तो क्या होगा?”

“धत्त, ऐसा नही बोलते!” मेरे मुंह पर उंगली रख कर वो बोली. मैने उंगली होंठों बीच ली और चूसी. दूसरे हाथ से चोली मे कैद उसके स्तन को टटोला. मैं स्तन पकड़े हुए था कि उसने उंगली निकाली और नीचे झुक कर अपने होंठ मेरे होंठ से चिपका दिये. जब मैने जीभ से उसके होंठ चाटे तब उसने मुंह खोला और मेरी जीभ उसके मुंह मे घुस कर चारो ओर घूमने लगी. लण्ड की तरह जीभ को कड़ा करके मानो मैने उसके मुंह को चोदा. हमारी फ़्रेन्च किस्स पूरे एक मिनट तक चली.

मैने मेरी जांघें चौड़ी कर उसे बाय़ीं जांघ पर बिठाया. किस्स चालू रखते हुए मेरा हाथ उसकी चोली मे कैद स्तन पर पहुंच गया. हलके से मैने स्तन सहलाया. पतले कपड़े से बनी चोली के नीचे उसने ब्रा पहनी नही थी इसलिये उसके कड़े निप्पल साफ़ नजर आ रहे थे. कपड़े के आर पार मैने निप्पल को टटोला. पूर्वी ने मेरा हाथ पकड़ा लेकिन विरोध नही किया. चोली लो-कट थी. दोनो स्तनों का आधा हिस्सा खुला दिखाई दे रहा था. मैने उस गोरे गोरे हिस्से पर चुंबन किया. पूर्वी ने मेरा सर अपने सीने पे दबा दिया.

एक एक कर के मैने चोली के हूक खोल डाले. चोली हटते ही पूर्वी के नंगे स्तन नजर आये तो मैं दंग रह गया. इतने खूबसूरत स्तन की मुझे उम्मीद नही थी. गोरे गोरे, गोल गोल बड़े श्रीफ़ल के साइज़ के उसके स्तन कड़े थे. चिकनी पतली चमड़ी के नीचे खुन की नीली नसें दिखाई दे रही थी. स्तन के बीच बादामी रंग की दो इन्च की areola थी जिस के मध्य मे छोटी सी निप्पल थी. उस वक्त उत्तेजना से areola उभर आयी थी और निप्पल कड़ी हो गयी थी.

मैने पहले हलके स्पर्श से सारा स्तन सहलाया, बाद मे मुठ्ठी मे लिया. निप्पल को चिपटी मे ले कर मसला. पूर्वी के मुंह से आह निकल पड़ी. चिपटी छोड़ मैने निप्पल को मुंह मे लिया, जीभ से टटोला और चूसा. पूर्वी के नितम्भ हिलने लगे.

उधर समीर ने नेहा को पलंग की धार पर लिटाया था और खुद ज़मीन पर बैठ उसकी भोस सहला रहा था. भोस के होंठ चौड़े कर के वो जीभ से क्लिटोरिस टटोल रहा था. उसकी दो उंगलियां नेहा की चूत मे डाली हुइ थी जो उसके g spot का मर्दन कर रही थी. अचानक समीर ने उंगलियां तेजी से अंदर बाहर करके नेहा को चोदना शुरु किया. नेहा के चूतड़ हिलने लगे. वो मुंह से सी सी सी आवाज़ करने लगी. समीर ने फ़िर भी अपना मुंह क्लिटोरिस से हटाया नही.

काफ़ी देर तक मैं पूर्वी के स्तन साथ खेलता रहा. अब वो मेरी गोद से सरक कर ज़मीन पर आ गयी. मेरे पजामा के आर पार उसने लण्ड टटोला. मैने नाड़ा खोल दिया. आठ इन्च का कड़ा लण्ड उससे निक्कर मे से निकाला नही गया. मैने निक्कर भी उतार दी और लण्ड को आज़ाद किया.

फ़ौरन उसने लण्ड पकड़ लिया. मुठ्ठी मारने लगी. लण्ड और ज्यादा तन गया. टोपी हटा कर उसने लण्ड का माथा खुला किया और तुरन्त अपने मुंह मे ले लिया. मत्थे को जीभ और तालू के बीच दबाये रखे वो स्थिर हो गयी. दो मिनट तक वो हिली नही. मुझे बहुत अच्छा लग रह था. लण्ड मे हलके हलके ठुमक हो रहे थे.

बाद मे उसने लण्ड का मत्था चूसना शुरु किया, जैसे बच्चा लौलिपौप चूसता है वैसे. चूसते चूसते जीभ से चाटा और मुठ्ठी मे पकड़ा हुआ लण्ड का हिस्सा घिसने लगी. मेरे हिप्स भी हिल पड़े. मैने उसका सर पकड़े धक्क देना शुरु किया. गीला मोटा लण्ड उसके मुंह को पुच्च पुच्च आवाज के साथ चोदने लगा. मुझे लगा कि मैं झड़ जाऊंगा. जब मेरे लण्ड मे फ़टाके शुरु हुए और काम रस बहने लगा तब उसने लण्ड मुंह से निकाला और उठ कर गोद मे आ बैठी. वो बोली, “आप ने कभी अपने लण्ड का स्वाद लिया नही होगा. मैं चखवाती हूँ.”

उसने मेरे मुंह से मुंह चिपका के फ़्रेन्च किस्स की तो उसके थूक के साथ मेरे लण्ड का पानी भी मेरे मुंह मे आ गया.

अब मैने उसकी ओढ़नी उतार डाली. किस्स करते हुए अब मेरा हाथ उसकी जांघ पर फ़िसलने लगा. जैसे जैसे मेरा हाथ घुटने से ले कर भोस की तरफ़ जाने लगा वैसे वैसे उसका घाघरा भी खिसकता गया और जांघें नंगी होती चली.

मेरा हाथ उसकी चिकनी जांघ सहलाने लगा. उसने जांघें सिकुड़ी हुई रखी थी जो मैने धीरे से खोल कर चौड़ी की. लेकिन जैसे मैने भोस को छुआ पूर्वी ने मेरा हाथ पकड़ लिया और जांघें फ़िर सिकोड़ ली.

मैने पूर्वी को सोफ़े की धार पर लिटा दिया. नाड़ा खोल कर घाघरा उतार फ़ेंका. पूर्वी ने अंदर निक्कर पहनी नही थी. मैने उसके पाँव उपर उठाये और थोड़ा जोर लगा कर उसकी जांघें चौड़ी कर दी. अब मैं उसकी भोस देख सका. मोटे भरावदार बड़े होंठ वाली पूर्वी की भोस उस वक्त सूज कर गुलाबी हो गयी थी. तीन इन्च की दरार मे से छोटे होंठ सूज कर बाहर निकल आये थे. मैने पहले उंगलिओं से भोस को सहलाया, बाद मे जीभ फ़िरा के चाटा. होंठ चौड़े कर दो उंगलियां चूत मे डाली. अंदर बाहर करते हुए मैने उंगलिओं से चूत को चोदा और g spot को मसला. उसी वक्त जीभ से क्लिटोरिस को टटोला पूर्वी की उत्तेजना बढ़ गयी, उसके नितम्भ हिलने लगे और चूत मे संकोचन होने लगा. मेरा लण्ड पूरा तन गया.

उधर समीर अब पलंग पर लेटा था. नेहा उसकी जांघ पर बैठी थी. समीर का लण्ड नेहा की चूत मे फ़सा था. अपने चूतड़ उठा गिरा के नेहा लण्ड को चूत से अंदर बाहर किये जा रही थी. कभी कभी समीर भी धक्का देकर नेहा को चोदता था. समीर के दोनो हाथ नेहा के स्तनों पर लगे हुए थे. समीर का पूरा लण्ड बाहर निकल कर फ़िर चूत मे घुसता साफ़ दिखाई दे रहा था.

चूत मे उंगलियां और क्लिटोरिस पर जीभ से चोदते हुए मैने ने पूर्वी को झड़ाया. उसकी भोस ने काम रस का फ़व्वारा छोड़ दिया. सिकुड़ कर उसकी जांघों ने मेरा सर भोस से दबा रखा चूत मे फ़टाके हुए और सारे बदन पर रोयें खड़े हो गये.

जब उस का orgasm शांत हुआ तब मैं उठा. पूर्वी को ठीक से लिटाया. मैं उसकी जांघों के बीच आ गया. मैने भोस टटोला तो उसने लण्ड पकड़ कर भोस की ओर खींच लिया. उसने लण्ड का मत्था क्लिटोरिस से रगड़ा. मुझसे रहा नही गया. मैने एक ही धक्के मे सारा लण्ड उसकी चूत मे पेल दिया. पूर्वी के मुंह से आह निकल गयी. चूत मे लण्ड दबा के मैं रुका. लण्ड झटके देने लगा जिसका जवाब चूत ने संकोचन कर के दिया. मैंने लण्ड निकाला तो पूर्वी ने मेरे चूतड़ पर हाथ रख कर मुझे अपनी ओर खींच लिया. लण्ड फ़िर से चूत की गहराई मे उतर गया.

हमें देख कर समीर बोला, “यश, डरना मत. पूर्वी दिखती है पर इतनी नाजुक नही है. जोर से चोदना, वर्ना उसे संतोश नही होगा. क्यों, पूर्वी?”

जवाब मे पूर्वी ने चूत सिकोड़ी और लण्ड दबया.

मैने कहा, “नेहा भी लण्ड ले सकती है. तू भी उसे जोर से चोदना.”

मैने धीरे गति से लंबे धक्कों से पूर्वी को चोदना शुरु किया. अकेला मत्था चूत मे रहे इतना लण्ड मैं निकाल कर रुक जाता. चूत सिकोड़ कर पूर्वी मत्थे को दबाती. लण्ड झटका मारता और मैं एक धक्के से फ़िर लण्ड को चूत मे पेल देता. ऐसा खेल हमने दस पंद्रह बार खेला. लण्ड और भोस काम रस से तर बतर हो गये.

मैने पूर्वी से कहा, “तूने भी तेरी चूत का पानी चखा नही होगा. आ जा, चख ले.”

गीले लण्ड को निकाल कर मैने पूर्वी के मुंह पर धर दिया. बड़े प्यार से उसने लण्ड का मत्था चाटा और मुंह मे लेके चूसा. झड़ पड़ने के डर से मैने लण्ड खींच लिया और फ़िर से चूत मे डाल दिया. वो मुझे फ़्रेन्च किस्स करने लगी. मेरी mons उसकी mons के साथ थप्प थप्प आवाज़ से टकराने लगे. मेरे बौल्स उसकी गांड से टकराने लगे. पूर्वी अपने हिप्स घुमा घुमा के क्लिटोरिस को लण्ड के साथ घिसने लगी. मेरे मोटे लण्ड ने उसकी भोस की दरार पूरी चौड़ी कर रखी थी.

पलंग पर अब नेहा को नीचे लिटा कर समीर उपर आ गया था. नेहा के घुटने कंधे तक उठे हुए थे. समीर का लण्ड भी मेरे जैसा था और नेहा की चूत मे आता जाता दिखाई दे रहा था. बेरहमी से समीर नेहा को जोर जोर से चोद रहा था.

उन को देख कर पूर्वी और उत्तेजित हो गयी. मुझसे लिपट गई और हिप्स हिला हिला कर लण्ड लेने लगी. मेरे धक्के की रफ़तार और गहराई बढ़ गये. उसकी चूत सिकुड़ सिकुड़ कर लण्ड चूसने लगी. लण्ड का खुला माथा योनी की दिवालों के साथ घिसता चला.

ऐसे मे पूर्वी झड़ पड़ी. योनी के फ़टाके से मेरा लण्ड भी उत्तेजित हो गया और मैं जोर से झड़ा. हमारा orgasm तीस सेकंड चला.

समीर अब तेजी से नेहा को चोद रहा था. जोर से चिल्लाते हुए नेहा झड़ी और उसके साथ समीर भी झड़ा.

थोड़ी देर तक मैं और समीर लड़कियों पर यूं ही पड़े रहे.