बोसने दीदी की चूत चोदी

आज की इंडियन सेक्स स्टोरी में मैं अपनी दीदी की ऑफिस के एक कांड को अपने तरीके से आपको बताऊंगा. दीदी की शादी के पहले की कहानी और आप सब लोग एकदम धीरज से पढ़ीये. दीदी ने एम्. कोम. की पढ़ाई की थी, बहुत से बैंक के एग्जाम में अप्लाई तो किया पर नहीं मिली, आखिर उन्होंने एक छोटी सी प्राइवेट फॉर्म में नौकरी मिली. हम अलाहाबाद के मिडल क्लास फैमिली से बिलोंग करते हैं. में तब स्कूल में पढ़ रहा था. दीदी को एक अकाउंटेंट की जॉब मिली थी.

सैलरी थोड़ी कम थी. पर हमारा गुजारा हो रहा था. घर में पापा रिटायर हैं मां हाउस वाइफ तो दीदी की नौकरी ही हमारा सहारा था. दीदी देखने में एकदम नित्या मेनन जैसी थी साउथ की हीरोइन जेसी है. उसका फिगर ३८-३०-३६ था, रंग भी गोरा, और जाहिर है कॉलेज से लेकर मोहल्ले में उसके कई आशिक थे. पर दीदी किसी को घास नहीं डालती थी. पर भगवान ही जाने कौन सा फल कौन खाएगा.

कुछ महीने हुए थे कि तब दीदी की पगार बढ़ गई, तो हम सब खुश हुए. लेकिन सच थोड़ा अलग था. दीदी मुझसे सब शेयर करती थी तो उसने पहले मुझसे कसम खिलाई कि मैं किसी से ना कहूं. और बाद में दीदी ने मुझे बताया कि उसकी पगार नहीं बढ़ी हे. बल्कि उसने कंपनी के हिसाब में गड़बड़ कर के पैसा चुराया है. मैं थोड़ा डरा और कहां ही आप पकड़ी गई तो?

तो उसने भरोसा दिलाया कि वह हर महीने थोड़ा थोड़ा करके ऐसे चुराती है कि किसी को कुछ पता नहीं चलेगा. ऊपर से उसका किया हुआ काम कोई दोबारा चेक नहीं करता तो उसके पकड़े जाने का कोई चांस ही नहीं. मैं उसे कहने लगा की वह यह सब काम ना किया करें, एक दिन इसका अंजाम बुरा हो सकता है तो उसने कहा…

दीदी : अरे छोटू घबरा मत. वैसे भी वह बुड्ढा बॉस सैलरी बहुत कम देता है. और नहीं करेंगे तो घर नहीं चल पाएगा. तेरे ट्यूशन फीस कैसे दे पाऊंगी में और तुजे बड़ा होके अच्छी पढ़ाई केसे करने को मिलेगी और तू बड़ा आदमी केसे बनेगा. और अगर पकड़ी गई तो हाथ पैर जोड़ कर माफी मांग लूंगी. भला एक लड़की को नौकरी से तो नहीं निकालेंगे ना?

दीदी की इतनी सारी बात सुनने के बाद मुझे भी लगा कि शायद दीदी सही कर रही है. और इस तरह दीदी हर महीने ज्यादा ज्यादा पैसे लाती और कभी हम सिनेमा जाते, तो कभी मॉल में घूमते थे. लेकिन हमें क्या मालूम था कि चोरी की जो ऐश हम लोग मिल कर कर रहे थे उसकी सजा भी मिल सकती है.

दीदी का बॉस एक 50 साल का बुड्ढा आदमी था. उसका नाम देवेश्वर पटेल था. वह लंबा, सावला, और बहुत गुस्से वाला भी था. दीदी ने कई बार उसके बारे में मुझे बताया था. सभी उसे बोस कहकर बुलाते थे और उस से बहुत डरते थे.

एक दिन जब दीदी अपने टेबल पर बैठ कर काम कर रही थी तो रिसेप्शन से कॉल आया उसे बॉस ने बुलाया है. दीदी ने सोचा की कोई पेपर की रिपोर्ट का प्रोग्रेस पूछने को बुलाया है, तो वह अंदर गयी, दीदी अक्सर ऑफिस सलवार कमीज में जाती है उस दिन भी एक ब्लैक रंग का सलवार कमीज पहन कर गई हुई थी, दीदी दरवाजे पर परमिशन लेकर अंदर गई…

बॉस : अरे हेजल आओ, तुमसे एक जरुरी काम था.

दीदी मुस्कुराई और खड़ी रही.

बॉस : अरे जरा टेबल के इस तरफ आना मेरे पीसी में यह डांटा देखो तो जरा..

दीदी चलके चलके घूमकर जब बॉस के पास पहुंची और झुक कर बोस के कंप्यूटर को देखा तो बॉस ने मॉनीटर उसकी और घुमा कर कहा.

बॉस : जरा ये एक गड़बड़ लगता है, मुझे इसका हिसाब केसे लगाया समझाओगी तुम जरा?

दीदी की आंखें उस चार्ट को देख कर फट गई वह दीदी के घपले की ही चार्ट बनायीं हुई थी दीदी वापिस खड़ी होकर बस की आंखों में देखने लगी और अब मेरी दीद के माथे पर पसीना आने लगा था.

बॉस : क्या हुआ एसी में तुम को पसीना क्यों आ गया? कुछ तो बोलो यह काम तुम्हारा है ना? जवाब दो मुझे.

दीदी : सर सर वो यह मैं ही करती हूं.

 

बॉस : इसके रिकॉर्ड के अनुसार पिछले 6 महीनों का हिसाब नहीं मिल रहा जिससे पता चलता है कि तुमने फ्रॉड किया है वह भी बड़े स्मार्ट तरीके से, क्यों?

दीदी चुप थी पर वह बॉस के जोर से चिल्लाने पर बोल उठी…

दीदी : सर वो घर में पैसे की जरूरत थी तो कुछ पैसे लिए थे मैं धीरे धीरे आप के सरे पैसे चुका दूंगी.

बॉस खड़ा हो गया और कहा : क्या तुम चुकाओगी? पता है, कितने का घपला हुआ है? पूरे दो लाख का.

दीदी चौंक गई, उसने एक एक पैसे का हिसाब लगाकर ही घपला किया था. ज्यादा से ज्यादा ६०००० रुपये होंगे.

दीदी : सर, यह कुछ गलत है. मैंने तो बस ५० या ६० हज़ार रुपये ही लिए थे.

बॉस : मुझे नहीं पता, मेरे दो लाख मुझे अभी के अभी चाहिए, वरना मैं पुलिस को फोन करूंगा और तुम्हें जालसाजी और ब्रॉड के केस में जेल भेज दूंगा.

दीदी के तोते उड़ गए, उसकी आंखें भर आई, हाथ जोड़कर विनती करने लगी, पर बॉस को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था. उसे तो बस अपने पैसे से मतलब था.

बॉस : फिर तुम जेल में सडोगी और ब्लैक लिस्ट होने के बाद तुम्हें कोई चपरासी की नौकरी भी नहीं मिलेगी.

दीदी सीधे उनके पैरों में गिर कर जोर जोर से रोने लगी…

दीदी : सर मुझे माफ कर दीजिए सर, मैं एक दिन में इतना पैसे कहा से लाऊंगी लू मेरी नौकरी के बगेर मेरे परिवार में अकाल पड़ जाएगा, प्लीज मुझ पर दया करो सर में आपके पाँव पडती हु. मुझे आप माफ़ कर दीजिये सर. में आप का एक एक पैसा लौटा दूंगी.

कुछ समय तक बॉस दीदी को गिडगीडाता हुआ देखता रहा, दीदी का पल्लू नीचे गिर चुका था. और उसकी गले की कमीज से उसकी क्लीवेज साफ साफ नजर आ रही थी. बॉस के अंदर खलबली मच ने लगी तो वह जुक कर दीदी को कंधे से पकड़ कर उठाया और खड़ा किया. दीदी रो रही थी नीचे सर कर के. तो बॉस ने कहा …

बॉस : ठीक है, पर तुम्हें मेरी कुछ बातें माननी होंगी.

दीदी : आप जो सजा दे वह मुझे मंजूर है बस मुझे पुलिस के हवाले मत करिए सर में आपसे माफ़ी मांगती हु.

बॉस ने अपना फोन उठाया और रिसेप्शन की लाइन पर लगा कर कहा मैं अगले 1 घंटे तक बिजी हूं कोई मुझे डिस्टर्ब ना करें. चाहे कोई भी आए मना कर दो यह सुनकर दीदी को लगा कि अब कोई काम होगा तो उसे बॉस जाने को बोलेगा पर बॉस दीदी के रोते सूरत को दोनों हाथों से उठाकर अपने चेहरे को पास ले गया. दीदी अंदर तक कांप गई. उसे लगा नहीं था कि इस उमर का आदमी भी उस पर गंदी नजर रख सकता है, दीदी थोडा पीछे हट गई.

बॉस : लगता है तुम्हें समझ नहीं आया, तुम्हें मेरी हर बात माननी होगी यानी हर बात.

दीदी और जोर से विनती करने लगी : सर ऐसा मत कीजिए मैं मैं ….

बॉस : मैं मैं कुछ नहीं जो कहता हूं वह करो, मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है. पुलिस को एक कॉल करूंगा तो जानती हो ना…

दीदी और डर गई वह अपने आप को बेसहारा महसूस करने लगी. तो बॉस बहुत आगे आ गया और से दीदी के चेहरे को उठा कर उसकी गुलाबी होठों पर अपने होंठ को रख दिए और चूमने लगा. दीदी की आंखें रोती रोती सब देख रही थी. थोड़ा सा चूमने के बाद वह दीदी के पीछे जाकर खड़ा हुआ और दीदी के कंधे पर हाथ रखा.

जब दीदी ने कोई हरकत नहीं की उसने अपने दाएं हाथ को दीदी के कमीज के ऊपर से अंदर डालने लगा. दीदी के हाथ उस को रोकने को गए. बॉस ने डांट दिया तो उसके हाथ सिर्फ बॉस के हाथ को पकड़े रखें. बॉस का हाथ दीदी की कमीज से होकर उसकी ब्रा में प्रवेश कर गया और चूची को पकड़ कर मसलने लगा, मसलते हुए उसने निपल को उंगलियों के बीच मरोड़ दिया.

दीदी : सर नहीं अहः अह्ह्ह अम्म्म उम्म्म अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह.

बस का बायां हाथ दीदी की कमर पर घूम रहा था. फिर वह दीदी की कपड़े से हाथ निकाला और दीदी को पीछे से धकेल कर टेबल पर ले गया. टेबल की धार दीदी की जांघो पर टच हो रही थी, बॉस की आवाज आई…

बॉस : चल अपने पैंट का रस्सी खोल..

दीदी और रोने लगी और फिर जब बॉस ने जोर से कहा खोल बे तो दीदी के हाथ आगे आकर अपने कमीज के नीचे हिस्से के अंदर जाकर नाड़े को खोलने लगे, पीछे से बॉस ने भी दीदी की पेंट की रबर में हाथ फसाकर खुलने का इंतजार करने लगा, जैसा ही नाड़ा खुला उसने पैंट को नीचे खिसका कर पेर से दीदी की कदमों तक ले गया, फिर कमीज को ऊपर करके पैंटी को भी खींचने लगा.

दीदी रोकना चाहती थी पर उसे मालूम था अब रोकना मुश्किल है. उसने मन ही मन किसी तरह इस सदमे को जेल लेने का निर्णय कर लिया. पेंटी भी अब सलवार की तरह नीचे आ गया, बॉस ने झट से नीचे बैठ कर दीदी के पैरों को फैलाने लगा, दीदी के पैर एक दूसरे से दूर होते चले गए, साथ ही उसकी दोनों नितम्बो के बीच की गहराई खुलने लगी, बॉस ने अपने दोनों हाथों से जैसे ही चूतडो को दो तरफ खींचा..

बॉस : जूक जा साली, क्या चूत है, एक भी बाल नहीं है बिल्कुल चकाचक शेव की हुई हे मेरी जानेमन.

बीवी की चूत की गुलाबी पंखुड़ियां बॉस को पागल कर रही थी और वह जट से अपना मुंह दीदी की चूतरों के बीच घुसेड़ दिया और सूंघने लगा. दीदी पैर खोल कर टेबल पर झुकी हुई थी. उसकी चुचिया टेबल से सटे हुए थे. उसे अपनी चूत और गांड की छेद पे बॉस की सांसें महसूस हो रही थी, जो उसकी जिस्म में और भी गर्मी पैदा कर रही थी. बॉस बोल उठा यह तो जन्नत की खुशबू है इसके साथ ही उसकी जीभ बाहर आई और दीदी की चूत पर चटाई करने लगी, दीदी के पैर सख्त हो गए, वह बोल उठी सर नहींआह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह मम्मा ह्ह्ह्ह अम्म्म.

बॉस के हाथ अब आगे आ कर दीदी कमर को पकड़े अपना मुंह जबरन अंदर तक धकेलते हुए चूत चूस रहे थे, दीदी की आंखें बंद और मुह खुले थे जिन से सिसकियां आ रही थी आह्ह्ह अह्ह्ह अम्म्म उम् ओह्ह्ह ओह्ह्ह एय्स्स्स येस्स अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह ऐईईइ.

बॉस के मुह से सर्र सररर सररर सररर अम्म्म आवाज आ रही थी, जैसे बड़ी जोर से चूत को चूस रहे हो. उसी वक्त बॉस ने अपनी एक हाथ पीछे ले कर दीदी की फड़फड़ाती हुई गांड की छेद में डालने लगा, दीदी जोर से कसमसाई और इसके साथ ही दीदी चीखी आऔऊ और उसका बदन ढीला पड़ने लगा. वह जड़ गयी उसकी चूत से पानी आया जो उसकी जांघ से लेकर घुटने तक बहने लगा, बस उठकर खड़ा हुआ और अपना कोट उतारकर पास के चेयर पर रखा. फिर पेंट और शर्ट, और देखते ही देखते चड्डी तक निकल फेंका. वह नंगा हो चुका था और उसका 6 इंच का मोटा लौड़ा तना हुआ दीदी की चूत की और देख रहा था, उसकी टिप में प्रिकम लगा हुआ था.

तब तक दीदी खड़ी होकर पीछे मुड़ने वाली थी. के बॉस ने दीदी के पीठ में फिर एक जोर का धक्का दिया तो दीदी फिर टेबल पर आ गिरी, उसने उसकी जांघें फिर अलग करके, चूत को छूने लगा, फिर अपने लोड़े के चमड़ी को आहिस्ते से पीछे करके दीदी की चूत पर घीसने लगा, दीदी घबराने लगी, और ….

दीदी : सर प्लीज़ मुझे जाने दीजिए.. मैंने इतनी बड़ी चोरी नहीं की है.

बॉस : चुप चाप गांड ऊपर करके टेबल पकड़ ले, मुझे सब मालूम है.

इतना कहकर उसने एक जोर का पेल दिया, हॉट और लंड का सुपाडा दीदी की गुलाबी चिकनी चूत के अंदर जा घुसा.

दीदी : आह अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह सर बहोत दर्द हो रहा हे आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह.

बॉस : वाह, क्या टाइट चूत है… मजा आ गया. मुझे मालूम है तू ने घपला सिर्फ 55 हजार रुपए का किया था पर मैंने तुझे चोदने के लिए डराया की वह दो लाख का है हा हा हा हा और तूने घबराकर ठीक से देखा ही नहीं हा हा हा..

बॉस की धोखेबाजी और हंसी सुनकर दीदी दर्द से रोने लगी. वह अपनी कमर हिलाने लगा और मजे से दीदी की रसीली चूत में लौड़ा पेल रहा था, दीदी की आंसुओं से टेबल भीग चुका था. पर बॉस बेपरवा दीदी को खिलौने की तरह चोद रहा था. 20 मिनट लगातार वह चोदता ही रहा. दीदी की सिसकियां भी बंद हो गई थी, तो वह अपना लंड बाहर निकाला और दीदी को फिर खींच कर खड़ा किया, दीदी की चूत से थोड़ी खून भी लगी हुई थी.

पर बॉस को कोई फर्क नहीं पड़ा. उसने टेबल से सारी चीजे हटा कर नीचे फेंक दिया, और उस बड़े से टेबल पर दीदी को सोने को कहा, दीदी बड़ी मुश्किल से टेबल पर चढ़ कर बैठी. उसके पैर नीचे झूल रहे थे, बॉस उसकी कमीज ऊपर करने लगा, दीदी की तो इज्जत ऑलरेडी लुट गई हुई थी, तो उसने ज्यादा विरोध नहीं किया.

कमीज के उतरने के बाद उसने ब्रा को भी नहीं रहने दिया और उसको भी उतार फेंका, अब दीदी की दोनों चुचिया की बॉस के सामने खुली हुई थी, गोल गोल, तरबूज की तरह बड़े बड़े, गुलाबी निपल, बॉस ने उनको पकड़ लिया और दबाने मसलने लगा. दीदी हाथ टेबल पर रख कर आहें भरने लगी, तभी बॉस ने दीदी की पैरों के बीच अपनी जगह बनाई और उसकी दोनों पैरों को घुटने से पकड़ कर अपने दोनों हाथों से ऊपर उठा लिया. और दीदी के दोनों पैर टेबल के किनारे पर टिके थे.

अब उसकी चूत भी किनारे पर मुह फाड़े बोस के लंड को वेलकम कर रही थी, बॉस ने आव देखा ना ताव और फिर लंड को उस की चूत में घुसा दिया इस बार दीदी को ज्यादा तकलीफ नहीं हुई और मुंह से आह्ह्ह अह्ह्ह निकली, इसके साथ दीदी टेबल पर पीठ के बल लेट गई और उसके पैर को भी बॉस ने हवा में उठा लिया, और चूत में लंड पेलने लग गया. दीदी टेबल पर पड़ी हर धक्के के साथ आगे पीछे डोल रही थी, उसके साथ उसकी चुचिया उलटी दिशा में झूल रही थी.

दीदी की डोलती चुचिया बॉस को और जोश दिलाने लगी तो उसकी स्पीड बढ़ने लगी खप खप खप थप ठप ठप ठप की आवाज भी आने लगी और हर धक्के पर..

दीदी – आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह उग्ग्ग्ग उफ्फ्फ आह्ह उह्ह्ह उफ्फ्फ अह्ह्ह्ह हे भगवान.

बॉस ने दीदी की दोनो चुचियों को हाथ बढ़ाकर पकड़ा और वह दीदी के ऊपर लेट गया. साथ ही उसका चेहरा दीदी के बिलकुल करीब आ गया. उसने बिना देर किए दीदी की चूची के नोक पर अपना मुंह लगाकर जोर से ऐसा चूसा के दीदी के बदन में तो जेसे बिजली दौड़ने लगी. दीदी बिन पानी की मछली की तरह छटपटाने लगी और बॉस की पीठ को नोचने लगी, पर बस बेकाबू घोड़े की तरह दीदी के ऊपर सवारी करने लगा और उसकी दोनों चुचियो को मसल मसल कर अपनी मुंह में भर कर चूसने लगा.

करीबन 15 मिनट के बाद बॉस की कमर पिस्टन की स्पीड से ऊपर नीचे होते होते रुक गया और उसने दीदी के बदन की गहराई में अपना सारा पानी उतार दिया. दीदी और वह हांफते हुए टेबल पर पड़े रहे, पर बोस दीदी की चुचियों को चूस चूस कर उसकी तारीफ कर रहा था.

बॉस : इतनी मुलायम चुचिया मैंने कभी नहीं चुसी थी, मजा आ गया….

तभी फोन की घंटी बजी बॉस ने जवाब दिया तो उस तरफ से रिसेप्शन का कॉल था उसने जवाब दिया.

बस फोन पर : अरे अभी एक घंटा मैं बिजी रहूंगा कोई भी आए मना कर दो, कहना मेरी तबीयत खराब है

उसने फोन रख दिया और दीदी को भी पता चल गया की सर एक और राउंड चुदाई और चुसाई किये बिना उसे जाने नही देंगे.